Success Story: पिता की मौत से भी नहीं टूटा हौसला, धमतरी के सौरभ तीसरे प्रयास में बने सिविल जज

CGPSC Final Result 2026: पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियों का भार सौरभ के कंधों पर आ गया था. कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और लगातार तैयारी जारी रखी. परिवार का कहना है कि आर्थिक और मानसिक चुनौतियों के बीच भी सौरभ ने हार नहीं मानी. यही दृढ़ संकल्प आज उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बना.

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CGPSC Result 2026: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा जारी कनिष्ठ न्यायाधीश (सिविल जज) चयन सूची में धमतरी जिले के युवा सौरभ तरार (Saurabh Tarar) ने शानदार सफलता हासिल करते हुए 33वीं रैंक प्राप्त की है. तीसरे प्रयास में मिली इस सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले को गौरवान्वित कर दिया है. परिणाम घोषित होते ही सौरभ के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया. दोस्तों, परिजनों, गुरुजनों और स्थानीय लोगों ने फूल मालाओं और मिठाइयों के साथ उनका स्वागत कर खुशी जाहिर की.

धमतरी के रत्नाबांधा रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास रहने वाले सौरभ तरार लंबे समय से न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे थे. उन्होंने बताया कि यह सफलता अचानक नहीं मिली, बल्कि वर्षों की निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम है. अपनी सफलता का राज बताते हुए सौरभ ने कहा कि अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए सोशल मीडिया और बाहरी गतिविधियों से दूरी बनाई और पूरी तरह लक्ष्य पर केंद्रित रहा. ऐसे में तीसरे प्रयास में परीक्षा पास करना उनके धैर्य और संघर्ष का प्रमाण माना जा रहा है.

पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच जारी रखा संघर्ष

कुछ समय पहले पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियों का भार सौरभ के कंधों पर आ गया था. कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और लगातार तैयारी जारी रखी. परिवार का कहना है कि आर्थिक और मानसिक चुनौतियों के बीच भी सौरभ ने हार नहीं मानी. यही दृढ़ संकल्प आज उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बना.

गुरुजनों और परिवार ने जताया गर्व

सौरभ की उपलब्धि पर उनके शिक्षकों ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि एक मेहनती छात्र को सफलता की ऊंचाई पर देखना किसी भी शिक्षक के लिए गर्व की बात होती है. उनकी माता, पत्नी और दोस्तों ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सौरभ हमेशा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे और आज उनकी मेहनत रंग लाई है.

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सौरभ तरार की सफलता धमतरी ही नहीं, पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक कहानी बन गई है. सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद लक्ष्य हासिल किया जा सकता है -यह संदेश उनकी उपलब्धि साफ तौर पर देती है.

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