छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में थाना सिंघोड़ा पुलिस ने नारकोटिक्स एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 312.590 किलोग्राम गांजा के साथ 5 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई NH-53 पर ग्राम रेहटीखोल के पास की गई.
कैसे पकड़ा गया ट्रक?
मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने रेहटीखोल जांच चौकी पर घेराबंदी कर लाल रंग के टाटा 1916 FE ट्रक (KA 13 D 7710) को रोका. तलाशी के दौरान फैक्ट्री के लिए ले जाए जा रहे केमिकल के नीचे छिपाकर रखी 15 प्लास्टिक बोरियों में भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ. पूछताछ में खुलासा हुआ कि गांजा ओडिशा के सोनपुर से मुंबई (महाराष्ट्र) ले जाया जा रहा था.
कौन हैं आरोपी?
इम्तियाज खान (48) निवासी मैसूर, कर्नाटक
रवि प्रकाश राउतकर (45) निवासी बालाघाट, मध्यप्रदेश
कितनी है कीमत?
बरामद गांजा की कुल मात्रा 312.590 किलो है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.56 करोड़ रुपये आंकी गई है. पुलिस ने ट्रक, मोबाइल फोन सहित अन्य सामग्री भी जब्त की है.
मास्टरमाइंड का खुलासा
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी ट्रक ड्राइवर और खलासी थे, जिन्हें अधिक पैसे का लालच देकर तस्करी में इस्तेमाल किया गया. मुख्य 3 आरोपी गांजा से भरे ट्रक को भेजने के बाद खुद अर्बन क्रूजर कार से ब्रह्मपुर (ओडिशा) से ट्रक को दिशा-निर्देश दे रहे थे. पुलिस ने इन तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया है. इस तरह पूरे मामले में कुल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है.
‘गांजा कॉरिडोर' बना महासमुंद
महासमुंद जिले की लंबी सीमा ओडिशा से लगती है और यहां से NH-53 व NH-353 गुजरते हैं. यही हाईवे तस्करों के लिए “गांजा कॉरिडोर” बन चुके हैं, जिनके जरिए ओडिशा से अन्य राज्यों में नशे की सप्लाई की जाती है.
हाल के बड़े एक्शन
27 मार्च 2026: 225 किलो गांजा (कीमत 1.12 करोड़), 6 आरोपी गिरफ्तार
28 मार्च 2026: 1.59 करोड़ के नशीले पदार्थों का नष्टीकरण
04 अप्रैल 2026: 281 किलो गांजा (कीमत 1.40 करोड़), 5 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस का बयान
एसडीओपी सरायपाली ललिता मेहर के अनुसार, चेकिंग के दौरान ट्रक से 312 किलो गांजा बरामद किया गया. शुरुआती पूछताछ में 3 अन्य आरोपियों की जानकारी मिली, जिन्हें ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया गया है.
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