छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर शारदा चौक से तात्यापारा चौक फ्लाईओवर ब्रिज बनाने के लिए सरकार ने बाकायदा 100 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान कर चुकी है. लेकिन, जनता से लेकर जनप्रतिनिधि तक इसका विरोध कर रहे हैं. ये लोग बाकायदा इस की जरूरत पर ही सवाल उठा रहे हैं. इससे ऐसा लगता है कि सरकार ने बिना जरूरत को समझे ही फ्लाईओवर के लिए 100 का बजट पास कर दिया.
शारदा चौक से तात्यापारा चौक फ्लाईओवर ब्रिज का स्थानीय लोगों के साथ बीजेपी विधायक और सांसद ने भी विरोध दर्ज कराया है. बीजेपी विधायक ने सड़क चौड़ीकरण की मांग की है. वहीं, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी सीएम को पत्र लिखकर फ्लाईओवर की जगह सड़क चौड़ीकरण की मांग की है.
सड़क चौड़ीकरण की मांग ने पकड़ा जोर
राजधानी रायपुर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक सड़क चौड़ीकरण का मामला पिछले 20 सालों से अटका हुआ है. इस बीच साल 2026-27 के बजट में 100 करोड़ के फ्लाईओवर की घोषणा से उम्मीद जगी थी, लेकिन बजट में प्रावधान के बाद भी ये तय नहीं हो पाया कि प्रोजेक्ट बनाएगा कौन? अब इस पूरे प्रोजेक्ट पर ही सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि सरकार के भीतर ही फ्लाईओवर बनाम सड़क चौड़ीकरण को लेकर मतभेद सामने आ गए हैं. दरअसल, फ्लाइओवर का स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर बेतुका फैसला है, जबकि चौड़ीकरण होना चाहिए.
विधायक और सांसद भी कर रहे हैं विरोध
स्थानीय लोगों के साथ सत्ता पक्ष के विधायक सांसद विरोध में उतर आए हैं. विधायक सुनील सोनी ने साफ तौर पर फ्लाईओवर योजना का विरोध करते हुए सड़क चौड़ीकरण का समर्थन किया है. वहीं, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पूरे मामले में विरोध करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है. बताया जा रहा है कि कई बड़े नेता भी इस योजना से सहमत नहीं हैं और फ्लाईओवर की जगह पुराने चौड़ीकरण प्रस्ताव को लागू करने का दबाव बना रहे हैं. हालांकि, बीजेपी प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास फ्लाईओवर को जनता के हित में बता रहे हैं.
यह भी पढ़ें- एमपी में बैंड आरक्षक के 679 पदों के लिए आई वैकेंसी, जानें 'पुलिस बैंड' क्यों युवाओं से कर रही है ये अपील
वहीं, इस मामले में कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर बुधवार को हस्ताक्षर अभियान चलाकर चौड़ीकरण की मांग की. कांग्रेस नेता सलाम रिजवी ने कहा कि सरकार ने बिना सोचे समझे फैसला लिया है, जो जनता के पैसे की बर्बादी है.
यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: EOW ने पेश किया चालान, अब सौम्या चौरसिया व केके श्रीवास्तव जेल से होंगे रिहा