CG News: शिकारियों के सामाजिक बहिष्कार का फैसला; वन विभाग का आदेश विवादों में, कांग्रेस ने बताया तुगलकी फरमान

CG Forest Department Order Controversy: वन विभाग के आदेश में कहा गया है कि गांव के सरपंच, समाज प्रमुख, धर्मगुरुओं और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ बैठक कर अवैध शिकार में शामिल लोगों के खिलाफ सामाजिक स्तर पर कार्रवाई की जाए. पत्र में उल्लेख किया गया है कि वन एवं संरक्षित क्षेत्रों में फंदा लगाकर बड़े पैमाने पर अवैध शिकार की घटनाएं सामने आ रही हैं और कई अपराधी पकड़े भी गए हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
CG News: शिकारियों के सामाजिक बहिष्कार का फैसला; वन विभाग का आदेश विवादों में, कांग्रेस ने बताया तुगलकी फरमान

CG Forest Department Order: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के वन विभाग (Forest Department) द्वारा वन्य प्राणियों के शिकार में संलिप्त पाए जाने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने संबंधी नया आदेश राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है. वन विभाग ने यह निर्णय 24 दिसंबर को हुई वन्यजीव संरक्षण समीक्षा बैठक में लिया था, जिसके बाद इसका विरोध भी शुरू हो गया है. वन विभाग के आदेश में कहा गया है कि गांव के सरपंच, समाज प्रमुख, धर्मगुरु और स्थानीय प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ बैठक कर ऐसे लोगों के खिलाफ सामाजिक स्तर पर कार्रवाई की जाए, जो बार‑बार वन्यजीवों के अवैध शिकार में पकड़े जाते हैं.

आदेश में क्या है?

विभाग के आदेश में कहा गया है कि गांव के सरपंच, समाज प्रमुख, धर्मगुरुओं और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ बैठक कर अवैध शिकार में शामिल लोगों के खिलाफ सामाजिक स्तर पर कार्रवाई की जाए. पत्र में उल्लेख किया गया है कि वन एवं संरक्षित क्षेत्रों में फंदा लगाकर बड़े पैमाने पर अवैध शिकार की घटनाएं सामने आ रही हैं और कई अपराधी पकड़े भी गए हैं. ऐसे मामलों को रोकने के लिए संबंधित गांवों में कैंप लगाकर अवैध शिकार से जुड़ी तस्वीरें दिखाकर लोगों को जागरूक करने और अपराधियों को दंडित अथवा बहिष्कृत करने की अपील की जाएगी. इस प्रकार की बैठकें पहले कवर्धा वन मंडल और उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में किए जाने की योजना बनाई गई है. साथ ही सभी वन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अपराधियों और संदिग्धों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.

कांग्रेस का विरोध

इस आदेश पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है. कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने इसे “तुगलकी फरमान” करार दिया है. उन्होंने कहा कि वन मंत्री केदार कश्यप का विभाग वन प्राणियों की रक्षा करने और शिकारियों को सजा दिलाने में विफल रहा है. इसी विफलता को छिपाने के लिए अब सामाजिक बहिष्कार का आदेश जारी किया गया है, जिससे सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचेगा और मोब लिंचिंग जैसी घटनाओं को बढ़ावा मिल सकता है. कांग्रेस ने आदेश जारी करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि अपराधियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाए, न कि सामाजिक बहिष्कार जैसे कदम उठाए जाएं.

यह भी पढ़ें : BJP नेता और पूर्व MLA ने कर रखा था बच्चों के मैदान पर कब्जा; अब राम-जानकी स्टेडियम में हुआ ये एक्शन

Advertisement

यह भी पढ़ें : MP-CG के इन स्टूडेंट्स से PM मोदी करेंगे परीक्षा पे चर्चा; जानिए कहां लाइव देख सकते है कार्यक्रम

यह भी पढ़ें : Weather Report: अगले 7 दिन तक MP का मौसम साफ; छत्तीसगढ़ में गिरेगा तापमान, यहां है कोहरे का अलर्ट

Advertisement

यह भी पढ़ें : Bharat Taxi App: अब उबर, ओला व रैपिडो जैसी कंपनियों को टक्कर देगी भारत टैक्सी; जानिए कैसा होगा किराया