छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित संजय पार्क में 15 हिरणों की मौत के मामले में आखिरकार बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है. NDTV टीम द्वारा इस गंभीर घटना को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद वन विभाग हरकत में आया और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कदम उठाए गए.
मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर डिप्टी रेंजर अशोक कुमार सिन्हा, वनपाल ममता पोर्ते, वनपाल प्रतिमा लकड़ा और बीट गार्ड बिंदु सिंह को निलंबित कर दिया गया है. वहीं रेंजर अक्षपलक ऋषि को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 5 दिनों के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं.
कैसे हुई इतनी बड़ी लापरवाही?
दरअसल, यह पूरा मामला अंबिकापुर के संजय पार्क में हुई गंभीर लापरवाही से जुड़ा है. यहां बाड़े का गेट खुला रह जाने के कारण आवारा कुत्ते अंदर घुस गए और उन्होंने हिरणों पर हमला कर दिया. इस हमले में अब तक 15 हिरणों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिसने वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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मौके पर ही हुई कई हिरणों की मौत
शनिवार को सामने आई इस घटना में चौंकाने वाली बात यह भी रही कि हिरण, कोटरी और बारहसिंगा को एक ही बाड़े में रखा गया था. इसी दौरान गेट खुला रह गया और 4-5 आवारा कुत्ते अंदर घुस गए. कुत्तों के हमले से कई हिरणों की मौके पर ही मौत हो गई.
मामले को और गंभीर बनाता है यह खुलासा कि घटना के बाद पार्क प्रबंधन और वन विभाग के कुछ कर्मचारियों ने इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की. जानकारी के मुताबिक, 14 हिरणों के शवों को पार्क के पीछे जंगल में ले जाकर जला दिया गया, ताकि सच्चाई सामने न आ सके.
अनाथ हो गए नन्हे हिरण के बच्चे
इस दर्दनाक घटना के बाद जहां एक ओर 15 हिरणों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है, वहीं दो नन्हे हिरण के बच्चे अब अनाथ हो गए हैं. ये बच्चे एक माह से भी कम उम्र के बताए जा रहे हैं. मां की असमय मौत के बाद ये दोनों अब पूरे बाड़े में इधर-उधर भटकते हुए अपनी मां को खोजते नजर आ रहे हैं.
कार्रवाई के बाद भी उठ रहे सवाल
हालांकि, खबर सामने आने के बाद वन विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखी जा रही है, लेकिन बड़ा सवाल अब भी बरकरार है कि क्या इतनी बड़ी लापरवाही के लिए यह कार्रवाई पर्याप्त है या फिर उच्च स्तर पर और जिम्मेदारी तय की जाएगी.