चारामा में चक्काजाम से शुरू हुआ आक्रोश, नीरज ठाकुर की मौत पर भड़के कांग्रेसी

चारामा में नीरज ठाकुर की मौत को लेकर कांग्रेस और आदिवासी समाज ने नेशनल हाइवे 30 पर चक्काजाम किया. पिता जीवन ठाकुर की जेल और इलाज के दौरान मौत के बाद अब बेटे के निधन ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है. प्रदर्शनकारी रिटायर्ड मजिस्ट्रेट से जांच की मांग कर रहे हैं.

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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा में सोमवार शाम को उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के लोगों ने नेशनल हाइवे 30 पर चक्काजाम कर दिया. नारेबाजी और प्रदर्शन के जरिए प्रदर्शनकारियों ने नीरज ठाकुर की मौत पर गहरा रोष जताया और पूरे मामले की रिटायर्ड मजिस्ट्रेट से न्यायिक जांच की मांग की. चक्काजाम के चलते हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात घंटों तक प्रभावित रहा. करीब दो घंटे के बाद जाम समाप्‍त कर द‍िया गया. 

दरअसल, चारामा चक्काजाम की वजह बने नीरज ठाकुर, छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष और कांग्रेस नेता रहे दिवंगत जीवन ठाकुर के बेटे थे. नीरज की अचानक हुई मौत के बाद कांग्रेस और आदिवासी समाज में नाराजगी साफ नजर आ रही है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिता-पुत्र दोनों को झूठे मामलों में फंसाया गया और जेल में रहते हुए उनकी सेहत को नजरअंदाज किया गया.

बताया जा रहा है कि पिछले महीने जीवन ठाकुर की रायपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इसके कुछ ही दिन बाद जेल से रिहा हुए नीरज ठाकुर का भी अब निधन हो गया. नीरज की मौत कैसे हुई, इसकी स्पष्ट वजह अब तक सामने नहीं आई है, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है.

मामला 12 अक्टूबर 2025 से जुड़ा है, जब कांकेर पुलिस ने कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर और उनके बेटे नीरज को कथित तौर पर फर्जी वन अधिकार पट्टा बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया था. दोनों को पहले कांकेर जिला जेल में रखा गया और फिर 2 दिसंबर 2025 को रायपुर सेंट्रल जेल भेजा गया. जेल में तबीयत बिगड़ने पर जीवन ठाकुर को रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 4 दिसंबर 2025 को 49 वर्षीय जीवन ठाकुर की मौत हो गई.

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जीवन ठाकुर की मौत के बाद पहले भी आदिवासी समाज ने बड़ा आंदोलन किया था. उस समय नेशनल हाइवे 30 को करीब 6 घंटे तक जाम रखा गया था और बस्तर संभाग बंद कर विरोध जताया गया था. विरोध के दबाव में छत्तीसगढ़ जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग ने कांकेर जिला जेल की सहायक जेल अधीक्षक रेणु ध्रुव का तबादला कर दिया था.

अब बेटे नीरज ठाकुर की मौत के बाद एक बार फिर चारामा में चक्काजाम कर सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. 

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हाई कोर्ट रिटायर्ड मजिस्ट्रेड द्वारा जांच करवाने की मांग 

कांकेर ज‍िला कांग्रेस कमेटी के अध्‍यक्ष बसंत यादव की ओर से राज्‍यपाल को ज्ञापन भेजकर हाई कोर्ट के रिटायर्ड मजिस्ट्रेड जांच करवाने की मांग करवाने की मांग की गई है. ज्ञापन में ल‍िखा है क‍ि सर्व आदिवासी समाज कांकेर के पूर्व जिला अध्यक्ष जनपद पंचायत चारामा के पूर्व अध्यक्ष कांग्रेस के वरिष्ठ साथी स्वर्गीय जीवन ठाकुर और उनके सुपुत्र नीरज ठाकुर दोनों को जेल में रखा गया था. जेल से छूटने के बाद अपने पिता के मृत्यु कार्यक्रम करने के बाद इनका भी स्वस्थ्य दिन प्रति दिन खराब होते चला गया. नीरज ठाकुर को रामकृष्ण हॉस्पिटल रायपुर में भरती कराया गया था.  12 जनवरी को उनका भी निधन हो गया. जेल में पिता की संद‍िग्‍धावस्‍था में मौत के बाद बेटे का भी इस तरीके से चला जाना अत्यंत दुःखद है. इस दुःख के कठोर घड़ी में ठाकुर परिवार के साथ कांग्रेस पार्टी खड़ी है. हाई कोर्ट रिटायर्ड मजिस्ट्रेड द्वारा उच्च स्तरीय जांच करायी जाए और दोषियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए. 

कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर के बाद उनके बेटे नीरज की भी मौत, कांकेर पुलिस ने पिता-पुत्र को किया था गिरफ्तार