रायपुर के बिरगांव में घर पर देसी बम सामग्री मिलने से हड़कंप, महापौर के साले का नाम आने पर सियासत तेज

Raipur Bomb News: रायपुर से लगे बिरगांव नगर निगम क्षेत्र में एक मितानिन के घर से देसी बम बनाने की संदिग्ध सामग्री मिलने से हड़कंप मच गया. रावाभाटा इलाके में मिले एक बैग से बैटरी, केमिकल की बोतलें, तार और रिमोट बरामद किए गए. इस घटना को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखी बयानबाजी भी शुरू हो गई है. पढ़िए पूरी खबर.

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बिरगांव में देसी बम सामग्री बरामद, सियासत गरम

Raipur Bomb News: राजधानी रायपुर से सटे बिरगांव नगर निगम क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक मितानिन के घर से देसी बम बनाने की संदिग्ध सामग्री मिलने की सूचना सामने आई. मामला रावाभाटा इलाके का है, जहां पुलिस ने एक बैग से लो इंटेंसिटी विस्फोटक सामग्री बरामद कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया. शुरुआती जांच में बैग में बैटरी, केमिकल की बोतलें, तार और रिमोट जैसे गैजेट मिले हैं. इस पूरे मामले ने तब राजनीतिक रंग ले लिया, जब संदिग्ध बैग महापौर के साले विजय देवांगन से जुड़ा बताया गया. घटना के बाद पुलिस जांच के साथ-साथ सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है.

मितानिन के घर मिला संदिग्ध बैग

बिरगांव नगर निगम क्षेत्र के रावाभाटा में रहने वाली मितानिन पुष्पा साहू के घर से संदिग्ध बैग मिलने की जानकारी सामने आई. पुष्पा साहू ने खुद पुलिस को सूचना दी कि एक व्यक्ति उनके घर बैग रखकर चला गया है, जो उन्हें संदिग्ध लग रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच की.

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Raipur Bomb News: बम की सूचना पर मचा हड़कंप

महापौर के साले से जुड़ा नाम

पुलिस जांच में सामने आया कि बैग छोड़ने वाला व्यक्ति विजय देवांगन बताया जा रहा है, जो जमीन दलाली का काम करता है. बताया जा रहा है कि विजय देवांगन का रिश्ता बिरगांव नगर निगम के महापौर से है, जिसके बाद मामला और संवेदनशील हो गया. इस संबंध ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक बहस का विषय बना दिया.

Raipur Bomb News: बिरगांव देसी बम मामला

बैग में मिले बम बनाने के सामान

पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध बैग में दो बोतल केमिकल, बैटरी, वायर और रिमोट नुमा गैजेट पाए गए. प्रथम दृष्टया यह सामग्री देसी बम बनाने से संबंधित बताई गई. स्थानीय पुलिस ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी.

भारी बैग देखकर बढ़ा शक

स्थानीय पार्षद अश्विनी यादव ने बताया कि रात में मितानिन पुष्पा साहू ने फोन पर उन्हें बैग की जानकारी दी थी. जब वे मौके पर पहुंचे तो बैग काफी भारी था, जिससे उन्हें भी संदेह हुआ. इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई.

बम निरोधक दस्ते की कार्रवाई

डीसीपी मयंक गुर्जर के नेतृत्व में एफएसएल और बीडीडीएस (बम डिस्पोजल एंड डिटेक्शन स्क्वायड) की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर संदिग्ध सामग्री जब्त की और जांच के बाद उसे नष्ट कर दिया. डीसीपी के मुताबिक, यह लो इंटेंसिटी विस्फोटक सामग्री थी.

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पुलिस का बयान

डीसीपी मयंक गुर्जर ने बताया कि संदिग्ध विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि विजय देवांगन के घर पर भी रेड की गई है और यह जांच की जा रही है कि यह सामग्री किस उद्देश्य से लाई गई थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं. मामले की जांच अभी जारी है.

मितानिन का बयान

पुष्पा साहू ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि विजय देवांगन उनके घर बैग रखकर गया था. उन्हें शक हुआ कि बैग में बम जैसा कुछ हो सकता है, इसलिए उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने उनकी सतर्कता की सराहना की है.

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सियासत हुई तेज

महापौर के साले का नाम सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया. कांग्रेस ने राज्य सरकार और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए. कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बीजेपी की सरकार बनने के बाद से छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बनता जा रहा है.

कांग्रेस का आरोप

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में अपराध बढ़े हैं. उन्होंने नोटों की बरामदगी, फायरिंग की घटनाओं और बम बनाने की सामग्री मिलने का हवाला देते हुए सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया. कांग्रेस का कहना है कि गृह मंत्री अन्य राज्यों के चुनावों में व्यस्त हैं और राज्य की कानून व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा.

डिप्टी सीएम का पलटवार

इन आरोपों पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा अशांति फैलाने का काम करती है. डिप्टी सीएम का कहना है कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और किसी भी नापाक हरकत पर सख्त कार्रवाई की जा रही है.

जांच जारी, कई सवाल बाकी

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है. अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विस्फोटक सामग्री किस उद्देश्य के लिए लाई गई थी और इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है या नहीं. पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे सच का खुलासा हो पाएगा.

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