Monsoon 2026: बिलासपुर में मानसून के सामान्य प्रवेश के बावजूद अब तक व्यापक और लगातार बारिश नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. आज जून महीने का आखिरी दिन है, लेकिन शहर और आसपास के क्षेत्रों के ही हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बौछारें दर्ज हुई हैं, इसके चलते भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है. यहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है, जिससे दिनभर तेज धूप और उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है. शाम के समय भी मौसम में खास बदलाव नहीं होने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है.
छत्तीसगढ़ में मानसून की धीमी रफ्तार
मानसून की धीमी रफ्तार का सबसे ज्यादा असर किसानों पर दिखाई दे रहा है. खरीफ और बरसाती फसलों की बुवाई का यह सबसे महत्वपूर्ण समय है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में बुवाई शुरू नहीं हो पा रही है. कई किसानों ने खेत तैयार कर लिए हैं, लेकिन पानी की कमी के कारण वे खेती शुरू नहीं कर पा रहे हैं. यदि जल्द अच्छी और लगातार बारिश नहीं हुई तो धान समेत अन्य खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित होने की आशंका है.
20-60 प्रतिशत तक हुई बारिश
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है, लेकिन व्यापक वर्षा के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है. ऐसे में आमजन गर्मी और उमस से राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं. वहीं किसानों की निगाहें भी अच्छी बारिश पर टिकी हुई हैं. बता दें कि कोरिया जिले को छोड़कर पूरे छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक हो चुकी है. हालांकि मानसून की गतिविधियां अब तक कमजोर रहीं, जिसके कारण अपेक्षाकृत बारिश नहीं हो रही है. प्रदेश के ज्यादातर जिलों में जून के कोटे की महज 20-60 प्रतिशत तक ही बारिश हुई है.
मौसम विभाग के मुताबिक, 1 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे सभी जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है. इससे मौसम में बदलाव आएगा. साथ ही गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिलेगी
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