Bilaspur Accident: मेला घूमकर घर लौट रहे थे, तेज रफ्तार पिकअप ने उजाड़ दिया पूरा परिवार

Bilaspur Accident: बिलासपुर के कोटा–लोरमी मार्ग पर मेला घूमकर लौट रहे परिवार की मोटरसाइकिल पर तेज रफ्तार पिकअप ने टक्कर मार दी. पति-पत्नी और सात वर्षीय बेटी की मौके पर मौत हो गई, जबकि छह वर्षीय बेटा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

Bilaspur Accident: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा-लोरमी मुख्य मार्ग पर गुरुवार शाम ऐसा दर्दनाक मंजर सामने आया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. ग्राम बांसाझाल चौक के पास हुए भीषण सड़क हादसे में एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में तबाह हो गया. मोटरसाइकिल सवार पति-पत्नी और उनकी सात वर्षीय मासूम बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह वर्षीय बेटा गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है. 

मेला की खुशियां मातम में बदलीं

जानकारी के अनुसार जमलेश यादव (40), पिता बालाराम यादव, निवासी बांसाझाल,अपनी पत्नी संतोषी यादव (35) और बच्चों नन्ही यादव (7) व छह वर्षीय बेटे के साथ बेलपान मेला घूमने गए थे.  परिवार खुशियों के साथ मेला से लौट रहा था, लेकिन बांसाझाल चौक के पास तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को सामने से जोरदार टक्कर मार दी. 

एक झटके में उजड़ गया परिवार

टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल सड़क पर दूर जा गिरी और उस पर सवार चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा पहुंचाया गया. 

अस्पताल में टूटी उम्मीदें

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने जमलेश यादव,उनकी पत्नी संतोषी यादव और सात वर्षीय नन्ही यादव को मृत घोषित कर दिया. वहीं, गंभीर रूप से घायल छह वर्षीय बेटे की हालत नाजुक बनी हुई है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया है. 

Advertisement

पुलिस कार्रवाई,चालक हिरासत में

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. तीनों मृतकों पर मर्ग कायम कर लिया गया है. देर शाम होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका. शुक्रवार को कराया जाएगा. पुलिस ने पिकअप वाहन और उसके चालक को जप्त कर चौकी ले आई है. 

गांव में पसरा मातम

एक ही परिवार के तीन सदस्यों की असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है,जिस घर में मेला की बातें हो रही थीं, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और आंसू बचे हैं.

Advertisement