PM Awas: लक्ष्य से पीछे चल रहा है बेमेतरा जिला, नाराज जिपं सीईओ ने 21 अफसरों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

PM Awas Yojna: प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही के चलते जिला पंचायत सीईओ ने 21 अधिकारी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. आइए जानते हैं पूरा मामला... 

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PM Awas Yojna Bemetara Target: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक बड़ी खबर है. यहां जिला पंचायत की सीईओ प्रेमलता पद्माकर  ने जिले के 21 अफसर कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया है. इसके बाद अफसर-कर्मियों में हड़कंप मच गया है. पूरा मामला पीएम आवास की धीमी प्रगति से जुड़ा हुआ है. 

दरअसल प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2026 के लिए जिले को कल 29418 आवास का लक्ष्य मिला है. जिसके विरुद्ध अब तक केवल 18236 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं. जो निर्धारित लक्ष्य का महज 61.9% है जिसके चलते जिला काफी पीछे चल रहा है.बेमेतरा जिला पंचायत में 12 जनवरी और 15 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण को लेकर हुई समीक्षा बैठक में इसका खुलासा होते ही सीईओ प्रेमलता पद्माकर  भड़क गईं. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने व क्रियान्वयन में देरी को लेकर 21 अधिकारी कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया.

बैठक के दौरान और कई मुद्दे उठे. प्रशासन ने सभी अधिकारी कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि राशि तत्काल हितग्राही को समय पर भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि हितग्राही को किसी प्रकार की परेशानी ना हो और आवास निर्माण में अनावश्यक विलंब भी ना हो.

एक सप्ताह में निर्माण कार्य शुरू करें

जिले में 4105 आवास का निर्माण कार्य अभी प्रारंभ नहीं हो पाया है. इसे गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत के सीईओ प्रेमलता पद्माकर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि जितने भी प्रारंभ आवास है उसे एक सप्ताह के भीतर शुरू करें.

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जिन अधिकारी कर्मचारियों पर समीक्षा बैठक में उदासीनता व अनुपस्थित रहने के गंभीर आरोप लगे हैं, उनमें  09 उप अभियंता, 06 तकनीकी सहायक, एक एसडीओ (RES),एक संकाय सदस्य, एक सहायक प्रोग्रामर,व तीन ग्राम पंचायत के सचिव शामिल हैं. सभी को एक सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.

होगी कार्रवाई

बेमेतरा जिला पंचायत के सीईओ प्रेमलता पद्माकर ने स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है, उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है और समय पर नहीं मिलता है तो उनके विरुद्ध एकपक्षीय  कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उन्होंने कहा है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना पर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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