छत्तीसगढ़ के बेटे ने किया कमाल: ISFFA 2026 में एस. अंशु धुरंधर की डॉक्यूमेंट्री को मिला अवार्ड 

ISFFA 2026 में छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार के युवा फिल्मकार एस. अंशु धुरंधर को जननायक दाऊ चिंताराम टिकारीहा पर बनी डॉक्यूमेंट्री के लिए द्वितीय सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फिल्म अवार्ड मिला. इस उपलब्धि से पूरे जिले और प्रदेश में खुशी की लहर है.

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छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के लिए गर्व की खबर सामने आई है. जिले के युवा फिल्मकार एस. अंशु धुरंधर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिला है. कोलकाता में आयोजित International Short Film & Feature Film Awards 2026 (ISFFA 2026) में उन्हें द्वितीय सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फिल्म के पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

दाऊ चिंताराम टिकारीहा पर बनाई डॉक्यूमेंट्री

एस. अंशु धुरंधर को यह सम्मान जननायक दाऊ चिंताराम टिकारीहा के जीवन और संघर्ष पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म के लिए मिला है. इस फिल्म को तैयार करने के लिए उन्होंने करीब 9 वर्षों तक गहन शोध और अध्ययन किया. फिल्म में जननायक के सामाजिक योगदान और संघर्षों को विस्तार से दिखाया गया है.

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70 देशों की फिल्मों के बीच मिली सफलता

ISFFA 2026 में दुनिया के करीब 70 देशों से सैकड़ों फिल्मों की प्रविष्टियां आई थीं. इन फिल्मों का चयन चार चरणों की कठोर प्रक्रिया के बाद किया गया. कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अंशु धुरंधर की डॉक्यूमेंट्री ने अपनी अलग पहचान बनाई और द्वितीय सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार हासिल किया.

विवेकानंद ऑडिटोरियम में हुई फिल्म की स्क्रीनिंग

इस फिल्म की स्क्रीनिंग 27 फरवरी को कोलकाता के राज्य युवा केंद्र स्थित विवेकानंद ऑडिटोरियम में की गई थी. इसके बाद 28 फरवरी को आयोजित पुरस्कार समारोह में एस. अंशु धुरंधर को सम्मानित किया गया.

कम उम्र से ही लेखन और फिल्म निर्माण में सक्रिय

एस. अंशु धुरंधर कम उम्र से ही रचनात्मक कार्यों से जुड़े रहे हैं. उन्होंने 9 वर्ष की आयु से लेखन और 16 वर्ष की उम्र से फिल्म निर्माण की शुरुआत की थी. अब तक वे 5 फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं और 4 पुस्तकों का लेखन भी कर चुके हैं. वर्तमान में उनकी दो पुस्तकें और तीन फिल्में निर्माणाधीन हैं.

कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिल चुका सम्मान

अंशु धुरंधर के कार्यों का अब तक 10 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में चयन और सम्मान किया जा चुका है. उनकी इस उपलब्धि से बलौदा बाजार समेत पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी और गर्व का माहौल है.

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