Anti Naxal Operation News: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) शासन और भारत सरकार के नक्सल मुक्त अभियान के तहत बीजापुर पुलिस (Bijapur Police), डीआरजी (DRG), एसटीएफ (STF), कोबरा और सीआरपीएफ (CRPF) के संयुक्त दलों ने सुदूर संवेदनशील क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया. इस कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने न केवल नक्सलियों के डंपों को ध्वस्त किया, बल्कि उनके आर्थिक और सामरिक तंत्र को भी भारी चोट पहुंचाई है.
हालिया कार्यवाही में सुरक्षा बलों ने ₹65.52 लाख कैश बरामद किया है. यदि वर्ष 2024 से अब तक के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो सुरक्षाबलों ने कुल ₹20 करोड़ 08 लाख 52 हजार की संपत्ति जब्त की है. इसमें ₹7.2852 करोड़ नकद और 08.20 किलोग्राम सोना (बाजार मूल्य लगभग ₹12.80 करोड़) शामिल है. यह बरामदगी नक्सलियों की फंडिंग कमर तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
हथियारों और गोलाबारूद का जखीरा हाथ लगा
बीजापुर के जंगलों में पिछले एक महीने से चलाए जा रहे 'एरिया डोमिनेशन' अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए 32 घातक हथियार बरामद किए गए हैं. बरामद सामग्री में LMG (01), SLR (04), कार्बाइन (01), और .303 रायफल (05), विभिन्न रायफलों के 600 से अधिक जिंदा कारतूस और 84 बीजीएल (BGL) सेल और पामेड़ और नेशनल पार्क एरिया से लगभग 140 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया, जिसे सुरक्षा मानकों के तहत मौके पर ही नष्ट कर दिया गया. पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के अनुसार, वर्ष 202526 में अब तक कुल 461 हथियारों की रिकवरी की जा चुकी है.
नक्सल उन्मूलन अभियान के प्रभावी परिणाम
सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और ग्रामीणों के बढ़ते सहयोग के कारण नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हो चुका है. 2024 से अब तक 234 नक्सली मारे गए. वहीं, 1192 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा, 1003 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की. वहीं, इस दौरान कुल 517 हथियार बरामद किए इसके अलावा, 1092 भी IED बरामद किए गए.
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पुलिस प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु, विस्फोटक या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी सुरक्षा बल या पुलिस थाने में दें. गौरतलब है कि ग्रामीणों के सहयोग और मजबूत सूचना तंत्र (Intelligence) के कारण ही दुर्गम इलाकों में छिपे इन डंपों का पता लगाना संभव हो पाया है.