नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब जंगल उगल रहे हैं हथियार और कैश, फिर मिले भारी मात्रा में IED बम

Naxal Dump Recover: सर्चिंग के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा छुपाया गया एक बड़ा 'नक्सल डंप' बरामद किया. नक्सलियों ने यहां जवानों और स्थानीय आदिवासियों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से भारी मात्रा में विस्फोटक लगा रखे थे. जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन आईईडी (IED) को ढूंढ निकाला, ताकि किसी भी निर्दोष ग्रामीण या मवेशी को चोट न पहुंचे.

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नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब जंगल उगल रहे हैं हथियार और कैश, फिर मिले भारी मात्रा में IED बम
neeraj Tiwari

Naxal Dump Recover in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में है. कभी लाल आतंक का गढ़ माने जाने वाले कांकेर जिले से नक्सली गतिविधियों का लगभग सफाया हो चुका है. सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण अब गिने चुने नक्सली ही बचे हैं, जो अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भटक रहे हैं. हालांकि, जाते-जाते नक्सली अपने पीछे तबाही का जो सामान ज़मीन में दफन कर गए थे, वह अब सुरक्षाबलों की सक्रियता से बाहर आने लगा है.

नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत गुरुवार को एक संयुक्त टीम ने कांकेर और नारायणपुर की सीमा पर स्थित डोमांज, आमाकोल और गट्टाकाल के पहाड़ी जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन चलाया. इस टीम में कोयलीबेड़ा पुलिस, डीआरजी (DRG) और बीएसएफ (BSF) के जवान शामिल थे. सर्चिंग के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा छुपाया गया एक बड़ा 'नक्सल डंप' बरामद किया. नक्सलियों ने यहां जवानों और स्थानीय आदिवासियों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से भारी मात्रा में विस्फोटक लगा रखे थे. जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन आईईडी (IED) को ढूंढ निकाला, ताकि किसी भी निर्दोष ग्रामीण या मवेशी को चोट न पहुंचे.

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भारी मात्रा में विस्फोटक और घातक हथियार बरामद

सुरक्षाबलों ने जंगलों की खुदाई कर नक्सलियों के विध्वंसक मंसूबों पर पानी फेर दिया. बरामद की गई सामग्री में 50 बीजीएल सेल, 2 प्रेशर कुकर आईईडी जिसका वजन वजन 5 किग्रा और 3 किग्रा बताई जा रही है. इसके अलावा, 2 पाइप आईईडी, 5 पेट्रोल बम शामिल हैं. इसके अलावा, बिजली के तार और भारी मात्रा में कार्डेक्स वायर बरामद किए गए हैं. सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए जवानों ने एक प्रेशर कुकर आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया.

करोड़ों का कैश और सोना हो चुके हैं जब्त

इससे पहले बीजापुर में हथियारों के साथ-साथ सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के डंप से करोड़ों रुपये कैश बरामद किए थे. बीजापुर में हालिया कार्रवाई में ₹65.52 लाख नकद बरामद किए गए थे. अगर साल 2024 से अब तक के आंकड़ों पर गौर करें, तो सुरक्षाबलों ने कुल ₹20.08 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की है. इसमें ₹7.28 करोड़ कैश और लगभग 8.20 किलोग्राम सोना (जिसकी कीमत करीब ₹12.80 करोड़ है) शामिल है. 

भारी मात्रा में मिल चुके हैं हथियार

सिर्फ कांकेर ही नहीं, बल्कि बीजापुर के जंगलों में भी पिछले एक महीने से 'एरिया डोमिनेशन' अभियान चलाया जा रहा है. यहां पामेड़ और नेशनल पार्क क्षेत्र से 140 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद कर नष्ट किया गया था. इसके अलावा एलएमजी (LMG), एसएलआर (SLR) और कार्बाइन जैसे 32 घातक हथियार और 600 से अधिक जिंदा कारतूस भी मिले थे. तब पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया था कि साल 2025-26 में अब तक कुल 461 हथियारों की रिकवरी की जा चुकी है, जो सुरक्षा बलों की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है.

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2 मई 2026 को डंप सामग्री बरामद करने के दौरान हुई एक दुखद घटना में 4 जवान शहीद हो गए थे. उस हादसे से सबक लेते हुए अब सुरक्षा बल हर कदम फूंक-फूंक कर रख रहे हैं. आधुनिक तकनीक और कड़े सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए जवान अब बस्तर के जंगलों को पूरी तरह बारूद मुक्त करने के मिशन में जुटे हैं.

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