आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने छत्तीसगढ़ जिला खनिज न्यास (DMF) घोटाला मामले में आरोपी पूर्व IAS अधिकारी Anil Tuteja को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई EOW द्वारा दर्ज प्रकरण की विस्तृत जांच के बाद की गई है.
डिजिटल साक्ष्यों से हुआ खुलासा
जांच एजेंसी के अनुसार DMF प्रकरण की जांच में महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेज और कई व्यक्तियों के बयान सामने आए हैं. इनसे प्रथम दृष्टया यह स्थापित हुआ है कि आरोपी ने DMF निधि से जुड़े विभिन्न कार्यों में अपने परिचितों और फर्मों को कमीशन लेकर काम दिलवाने में सक्रिय भूमिका निभाई.
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने रिश्तेदारों और निकट संबंधियों के माध्यम से अलग-अलग फर्मों को कमीशन लेकर DMF मद के कार्य आवंटित करवाए. एजेंसी का दावा है कि कार्य आवंटन की प्रक्रिया में प्रभाव का उपयोग कर लाभ पहुंचाया गया.
शासकीय धन के दुरुपयोग का आरोप
उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ शासकीय धन के दुरुपयोग, आपराधिक षड़यंत्र और भ्रष्ट आचरण से संबंधित संज्ञेय अपराध प्रथम दृष्टया स्थापित पाए गए हैं. EOW ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. मामले में आगे की पूछताछ और वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है.