अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन भव्यता के साथ सम्पन्न: विदेशी मेहमानों ने दिखाया अपना दम, इथोपिया के धावक फिरोमोसा तो हरियाणा की मुन्नी देवी ने मारी बाजी

Abujhmad Pis Half Marathon: कभी अबूझमाड़ और नारायणपुर को बारूद की गंध और गोलियों की तड़तड़ाहट के लिए जाना जाता था, लेकिन आज वहां की फिजा बदली हुई है. यह नजारा है पांचवें अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन का. इस दौड़ में न केवल बस्तर, बल्कि सात समंदर पार केन्या और इथोपिया के अंतरराष्ट्रीय धावकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हरी झंडी दिखाई

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Abujhmad Pis Half Marathon Winner List : जहां 'लाल आतंक' का खौफ अब 'शांति की दौड़' में बदल चुका है. नारायणपुर में आयोजित पांचवें 'अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन' में आज एक नया इतिहास लिखा गया. केन्या और इथोपिया से लेकर देश के कोने-कोने से आए 5 हजार से ज्यादा धावकों ने यह साबित कर दिया कि अबूझमाड़ अब डर नहीं, बल्कि उम्मीद का दूसरा नाम है. नक्सलगढ़ के नाम से कुख्यात रहे अबूझमाड़ की सड़कों पर आज सन्नाटा नहीं, बल्कि हजारों कदमों की आहट गूंज रही थी. यह नजारा है पांचवें अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन का. हाथों में तिरंगा और दिल में शांति का पैगाम लिए, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हरी झंडी दिखाई, तो पूरा नारायणपुर 'भारत माता की जय' के उद्घोष से गूंज उठा.

पांचवें अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन का आयोजन

इस दौड़ में न केवल बस्तर, बल्कि सात समंदर पार केन्या और इथोपिया के अंतरराष्ट्रीय धावकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. कभी जिस रास्ते पर सुरक्षाबल संभलकर कदम रखते थे, आज वहां दुनिया भर के एथलीट बेखौफ दौड़ रहे हैं. साल 2018-19 में तत्कालीन एसपी जितेंद्र शुक्ला ने जिस उम्मीद के साथ इस मैराथन की नींव रखी थी. आज वह एक वटवृक्ष बन चुका है. इस आयोजन का सबसे भावुक और सशक्त पहलू यह रहा कि दौड़ में वो लोग भी शामिल थे, जो कभी मुख्यधारा से भटक कर नक्सलवाद की राह पर थे.

Abujhmad Pis Half Marathon: पांचवें अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन का आयोजन.

आत्मसमर्पित नक्सलियों ने कदम से कदम मिलाकर दौड़ा

आत्मसमर्पित नक्सलियों का हजारों धावकों के साथ कदम से कदम मिलाकर दौड़ना, इस बात का सबूत है कि अबूझमाड़ अब बदल रहा है.

Abujhmad Pis Half Marathon: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिखाई हरी झंडी.

विदेशी मेहमानों ने दिखाया अपना दम

हालांकि आयोजन में कुछ छोटी-मोटी अव्यवस्थाओं को लेकर थोड़ी नाराजगी जरूर देखी गई, लेकिन शांति और विकास के इस महाकुंभ में वह उत्साह के आगे फीकी पड़ गई. परिणामों की बात करें तो विदेशी मेहमानों ने अपना दम दिखाया. इथोपिया के धावक फिरोमोसा अवस्तुगा ने पहला स्थान हासिल किया, तो वहीं मेरठ के अक्षय कुमार ने कड़ी टक्कर देते हुए दूसरा स्थान पाया, लेकिन सबसे ज्यादा तालियां बजीं बस्तर के बेटे के लिए...

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Abujhmad Pis Half Marathon: विदेशी धावकों ने लिया हिस्सा.

महिला वर्ग में हरियाणा की मुन्नी देवी ने मारी बाजी

बड़े डोंगर निवासी भारतीय सेना के जवान ने बस्तर संभाग श्रेणी में पहला स्थान पाकर इलाके का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया. महिला वर्ग में हरियाणा की मुन्नी देवी ने बाजी मारी. यह दौड़ सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अबूझमाड़ के विश्वास की जीत है. यह संदेश है कि बंदूक की नली से निकली गोली खामोश हो सकती है, लेकिन शांति और विकास के लिए उठे कदम अब रुकने वाले नहीं हैं.

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