Economic Survey 2025: संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश, 6.3 से 6.8 प्रतिशत तक की ग्रोथ का अनुमान

Economic Survey 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 31 जनवरी को वित्त वर्ष 2024-25 की आर्थिक सर्वेक्षण को लोकसभा में पेश किया. सर्वेक्षण के मुताबिक, GST कलेक्‍शन में 11 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है, जो 10.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. 

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Budget Session 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 31 जनवरी को वित्त वर्ष 2024-25 की आर्थिक सर्वेक्षण को लोकसभा में पेश किया.  इस सर्वेक्षण में FY26 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर 6.3 फीसदी से 6.8 फीसदी के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है. GST संग्रह में 11 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है, जो 10.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. यह सर्वेक्षण नीतिगत सुधारों और आर्थिक स्थिरता की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करता है.

जानिए आर्थिक सर्वेक्षण में आखिर है क्‍या

1. GST कलेक्‍शन में 11 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है, जो 10.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.  सरकार का अनुमान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के 6.5% अनुमान के करीब है, लेकिन विश्व बैंक के 6.7% अनुमान से कम है. 

2. आर्थिक सर्वेक्षण का कहना है कि मजबूत बाहरी खाते और स्थिर निजी खपत के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है. उच्च सार्वजनिक पूंजीगत व्यय और व्यावसायिक अपेक्षाओं में सुधार से निवेश गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है.

3. आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि खाद्य पदार्थों के बफर स्‍टॉक बढ़ाने, खुले बाजार में खाद्य वस्‍तुएं जारी करने और आपूर्ति में कमी की स्थिति में आयात में ढील देने के सरकार के प्रशासनिक उपाय मुद्रास्‍फीति स्थिर रखने में सहायक रहे हैं.

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4. सब्जियों की कीमतों में मौसमी कमी, खरीफ फसल की आवक के साथ वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी की संभावना है.

5. आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 में कहा गया है कि भारत को जमीनी स्तर के संरचनात्मक सुधारों और विनियमनों के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने की जरूरत है.

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6.आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि देश को 2047 तक विकसित भारत बनने के लिए 8% की ग्रोथ जरूरी है.

आर्थिक समीक्षा मुख्य आर्थिक सलाहकार की देखरेख में वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग का आर्थिक प्रकोष्ठ तैयार करता है. पहली आर्थिक समीक्षा 1950-51 में पेश की गयी थी. उस समय यह बजट दस्तावेज का हिस्सा होती थी. इसे 1960 के दशक में केंद्रीय बजट से अलग कर दिया गया और बजट से एक दिन पहले पेश किया जाने लगा. वित्त मंत्री सीतारमण शनिवार को 2025-26 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी.

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