MP Election 2023 : सीटों को लेकर BJP-कांग्रेस के अपने-अपने दावे, देखिए क्या कहते हैं पिछले तीन चुनावों के आंकड़े

MP Election : हम आपको मध्यप्रदेश के बीते 3 चुनावों (Madhya Pradesh Last Three Assembly Election) के आंकड़ों को दिखाएंगे और यह बताएंगे कि किस चुनाव में कितने वोटर (Total Electorate) थे, कितनी सीटों पर किस पार्टी (MP Assembly Election Party Wise Seats) ने कब्जा जमाया था, किस पार्टी को कितने प्रतिशत वोट (Voting Percentage) मिले थे और वोटर टर्नआउट (Turnout) क्या रहा था?

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Madhya Pradesh Assembly Election 2023 : मध्यप्रदेश विधान सभा चुनाव 2023 में जीत और सीट को लेकर दोनों ही दिग्गज पार्टियों भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के अपने-अपने दावे और सर्वे (Survey) हैं. दोनों ही पार्टियां अपने आप को एक-दूसरे से आगे बता रही हैं. लेकिन आज हम आपको मध्यप्रदेश के बीते 3 चुनावों (Madhya Pradesh Last Three Assembly Election) के आंकड़ों को दिखाएंगे और यह बताएंगे कि किस चुनाव में कितने वोटर (Total Electorate) थे, कितनी सीटों पर किस पार्टी (MP Assembly Election Party Wise Seats) ने कब्जा जमाया था, किस पार्टी को कितने प्रतिशत वोट (Voting Percentage) मिले थे और वोटर टर्नआउट (Turnout) क्या रहा था?

2018 चुनाव : बीजेपी का वोट % ज्यादा, सीटों के लिहाज से कांग्रेस ने मारी बाजी

पिछले विधानसभा चुनाव यानी 2018 के चुनावी आंकड़ों को खंगाले तो हम पाएंगे कि मध्य प्रदेश में 15 साल बाद सत्ता का वनवास खत्म करके कांग्रेस पार्टी ने सरकार बनाई थी, लेकिन महज 15 महीने में सत्ता फिसल गई. 2018 के चुनाव में दोनों ही पार्टियों ने एक-दूसरे को कांटे की टक्कर दी थी, वोटिंग शेयर के मामले में जहां भारतीय जनता पार्टी आगे थी, वहीं सीटों के नजरिए से कांग्रेस को बढ़त थी.

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2018 में बीजेपी को 41 फीसदी वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के पास 40.9% वोट थे. वहीं भारतीय जनता पार्टी की 109 सीटें थीं, जबकि कांग्रेस ने 114 विधान सभा क्षेत्रों में जीत हासिल की थी. बहुजन समाज पार्टी (BSP) को 2 और समाजवादी पार्टी (SP) को एक सीट मिली थी. वहीं 4 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत हासिल की थी.

कुल मतदाताओं की बात करें तो 2018 में 5.05 करोड़ मतदाता थे, जबकि वोटिंग टर्नआउट या मतदान प्रतिशत 75.6 रहा. प्रदेश की 230 विधान सभा सीटों के लिए कुल 2899 उम्मीदवार चुनावी मैदान पर उतरे थे. इसमें से कांग्रेस ने 229 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से उसे 114 पर जीत मिली थी. वहीं बीजेपी ने प्रदेश की सभी 230 सीटों पर प्रत्याशी उतारा था और 109 कुल सीटों पर अपना परचम लहराया था. 

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2018 के चुनाव में विभिन्न पार्टियों को प्राप्त हुए प्राप्त हुए मत प्रतिशत के आंकड़ों को देखें तो बीजेपी को 41%, कांग्रेस को 40.9%, निर्दलीय को 5.8%, बीएसपी को 5%, अन्य को 2.7%,  गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को 1.8%, समाजवादी पार्टी को 1.3%, सीपीआई को 0.1% और नोटा को 1.4% वोट मिले थें.

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2013 चुनाव : बीजेपी 150 के पार, कांग्रेस 71 से 58 पर लटकी

विधानसभा चुनाव 2013 के आंकड़ों को देखें तो मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हैट्रिक लगाई थी. 2013 में एक बार फिर पार्टी 150 आंकड़ों को पार कर गई थी. जबकि सत्ता की राह देख रही कांग्रेस 2008 की तुलना में और नीचे चली गई थी. 2018 के चुनाव में सत्ताधारी बीजेपी को 165 सीटें मिली थी, जबकि कांग्रेस 58 के फेर में फंस गई थी. बहुजन समाज पार्टी (BSP) को 4  सीट मिली थी. वहीं 3 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत हासिल की थी.

वोट शेयर के मामले में भी भारतीय जनता पार्टी आगे थी. 2018 में बीजेपी को 44.9 फीसदी वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के पास 36.4% वोट थे. बीएसपी को 6.3%, निर्दलीय को 5.3%, अन्य को 2.0%,  गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को 1.0%, समाजवादी पार्टी को 1.2%, सीपीआई को 0.2%, सीपीएम 0.1%, जेडीयू को 0.3% को और नोटा को 1.9% वोट मिले थे.

कुल मतदाताओं की बात करें तो 2013 में लगभग 4.66 करोड़ मतदाता थे, जबकि वोटिंग टर्नआउट या मतदान प्रतिशत 72.7 रहा था. प्रदेश की 230 विधान सभा सीटों के लिए कुल 2583 उम्मीदवार चुनावी दंगल पर उतरे थे. इसमें से कांग्रेस ने 229 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से उसे 58 पर जीत मिली थी. वहीं बीजेपी ने प्रदेश की सभी 230 सीटों पर प्रत्याशी उतारा था और 165 कुल सीटों पर अपना परचम लहराया था.

2008 चुनाव : बीजेपी 143, कांग्रेस 70 पार, BSP भी रही दमदार

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2008 के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने एक बाद एक दूसरी बार सत्ता हासिल की थी. 2008 में बीजेपी 143 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि कांग्रेस 71 सीटों पर ही सिमट गई थी. वहीं कांग्रेस के बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 7 सीटों पर कब्जा जमाया था. इसके अलावा भारतीय जनशक्ति पार्टी को 5 सीट, समाजवादी पार्टी को एक सीट मिली थी जबकि 3 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी बाजी मारी थी.

वोट शेयर के नजरिए से में भी भारतीय जनता पार्टी आगे थी. 2008 में बीजेपी को 37.6 फीसदी वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के पास 32.4% वोट थे. बीएसपी को 9%, निर्दलीय को 8.2%, भारतीय जनशक्ति पार्टी को 4.7%, अन्य को 2.4%,  गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को 1.7%, समाजवादी पार्टी को 2%, सीपीआई को 0.2%, सीपीएम 0.2%, जेडीयू को 0.3% वोट मिले थे.

कुल मतदाताओं की बात करें तो 2008 में लगभग 3.62 करोड़ मतदाता थे, जबकि वोटिंग टर्नआउट या मतदान प्रतिशत 69.6 रहा था. प्रदेश की 230 विधान सभा सीटों के लिए कुल 3179 उम्मीदवार चुनावी रण पर उतरे थे. इसमें से कांग्रेस और बीजेपी ने 228 सीटों पर चुनाव लड़ा था.

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