श्योपुर जिले के वीरपुर इलाके में वन विभाग की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उस समय हिंसक हो गई, जब जंगल की जमीन से कब्जा हटाने पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम पर अतिक्रमणकारियों ने हमला बोल दिया. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर मौजूद लोगों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला शुरू कर दिया. हालात ऐसे बने कि वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए घटनास्थल से भागना पड़ा. इस दौरान सरकारी वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई.
मोरका बीट में चल रही थी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, श्योपुर के वीरपुर क्षेत्र की श्यामपुर रेंज के अंतर्गत आने वाली मोरका बीट में वन विभाग की जमीन पर अवैध अतिक्रमण किया था. इसी अतिक्रमण को हटाने के लिए वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी वीरपुर पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे थे. वन अमला जेसीबी मशीन की मदद से जंगल की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई कर रहा था.
कार्रवाई के दौरान शुरू हुआ विवाद
वन विभाग की टीम जब अतिक्रमण हटाने में जुटी थी, तभी अतिक्रमण करने वाले कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया. शुरुआत में कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया. विरोध कर रहे लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से बहस शुरू कर दी, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया.
लाठी-डंडे लेकर पहुंचे लोग, किया पथराव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के दौरान कुछ पुरुष और उनके परिवार की महिलाएं भी मौके पर पहुंच गईं. उनके हाथों में लाठी-डंडे थे. आरोप है कि उन्होंने वन विभाग और पुलिस की टीम पर पथराव शुरू कर दिया. इसके साथ ही लाठी-डंडों से हमला करते हुए कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को खदेड़ दिया. अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
जान बचाने के लिए भागे अधिकारी और कर्मचारी
हमला इतना तेज था कि वन विभाग और पुलिस के जवानों के सामने खुद को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती बन गया. स्थिति बिगड़ती देख अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्रवाई बीच में छोड़कर वहां से भागना पड़ा. बताया जा रहा है कि कई अधिकारियों को जान बचाने के लिए दौड़ लगाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचना पड़ा.
हमलावरों ने केवल कर्मचारियों और अफसरों को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि वन विभाग और पुलिस की सरकारी गाड़ियों पर भी पथराव किया. पत्थरबाजी और तोड़फोड़ में वन विभाग के वाहनों को नुकसान पहुंचा है. घटना के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही.
हमले का वीडियो आया सामने
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वन विभाग की टीम पर हो रहे हमले और अफसरों के भागने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में साफ नजर आता है कि कैसे पथराव और हमले के बीच अधिकारी और कर्मचारी खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद इस घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है.
वन विभाग और पुलिस की टीम पर हुए इस हमले के बाद मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. घटना में शामिल लोगों की पहचान और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर प्रशासन की नजर बनी हुई है. वहीं, जंगल की भूमि पर अतिक्रमण और उसे हटाने की कार्रवाई को लेकर भी अब नए सिरे से रणनीति बनाई जा सकती है.