सतना में भ्रष्टाचार पर लोकायुक्त का बड़ा वार, सहकारी बैंक CEO 1 लाख की रिश्वत लेते ट्रैप

सतना में रीवा लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के CEO केएस शर्मा को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया. शिकायत के अनुसार धान खरीदी केंद्र की शॉर्टेज सेटलमेंट के नाम पर रिश्वत मांगी थी. प्रेम नगर में हुई कार्रवाई के बाद आरोपी अधिकारी को सर्किट हाउस ले जाया गया.

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सतना में रीवा लोकायुक्त की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) केएस शर्मा को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. बताया जा रहा है कि धान खरीदी केंद्र में शॉर्टेज के मामले के सेटलमेंट के लिए यह रकम मांगी थी. शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए ट्रैप कर लिया. इस कार्रवाई के बाद बैंकिंग और सहकारी विभाग में हड़कंप मच गया है.

अभिषेक तिवारी की रिपोर्ट...

प्रेम नगर के पास हुई ट्रैप कार्रवाई

रीवा लोकायुक्त की टीम ने सतना के प्रेम नगर क्षेत्र में यह कार्रवाई की. टीम ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत आरोपी अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रखी और जैसे ही रिश्वत की रकम का लेनदेन हुआ, उसे मौके पर ही पकड़ लिया. कार्रवाई के बाद अधिकारी को आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के लिए सर्किट हाउस ले जाया गया, जहां देर तक जांच चलती रही.

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समिति संचालक की शिकायत पर एक्शन

जानकारी के अनुसार, नागौद क्षेत्र के एक समिति संचालक ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया था कि धान खरीदी केंद्र में दर्ज शॉर्टेज के मामले को सुलझाने और सेटलमेंट कराने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है. शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने प्रारंभिक जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की.

सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल

लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की पुष्टि होने के बाद पूरी योजना तैयार की. इसके तहत शिकायतकर्ता को आरोपी अधिकारी के संपर्क में रखा गया. तय रणनीति के अनुसार जैसे ही रिश्वत की रकम सौंपी गई, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए के.एस. शर्मा को पकड़ लिया. मौके पर आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए गए.

सर्किट हाउस में जारी रही कार्रवाई

ट्रैप कार्रवाई के बाद लोकायुक्त अधिकारी आरोपी को सर्किट हाउस लेकर पहुंचे, जहां मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की जांच की गई. अधिकारियों ने रिश्वत की रकम, घटनाक्रम और शिकायत से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है.

सहकारी विभाग में मचा हड़कंप

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद सहकारी विभाग और बैंकिंग क्षेत्र में चर्चा का माहौल है. लोकायुक्त की कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. वहीं, मामले के सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

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