मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड (Madhya Pradesh Waqf Board) के नए गठन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. याचिका में वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की वैधानिकता पर सवाल उठाए हैं. दावा किया है कि पुनर्गठन से संबंधित नोटशीट पर रात में 1 बजे हस्ताक्षर किए गए. इस मामले में अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी.
याचिका में कहा गया है कि वक्फ बोर्ड के चार सदस्यों ने 3 जुलाई को इस्तीफा दिया था. फिर दूसरे दिन यानी 4 जुलाई को सरकार ने इस्तीफे स्वीकार कर वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी की थी. आरोप लगाया है कि बिना चुनावी या वैधानिक चयन प्रक्रिया के पुनर्गठन किया गया. बता दें कि मध्य प्रदेश के नए वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्यों को शामिल किया गया है.
याचिका पर एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की बेंच ने सुनवाई करते हुए मुख्य सचिव समेत चार अधिकारियों को नोटिस जारी किया है.
ये हैं 10 सदस्य
- सनवर पटेल- अध्यक्ष
- नजमा हेपतुल्ला- सदस्य
- आतिफ अकील- सदस्य
- फैजान खान- सदस्य
- सिस्टर फातिमा चौधरी- सदस्य
- शाइस्ता सुल्तान- सदस्य
- शबाना खान- सदस्य
- मनोज मालपाणी- सदस्य
- अनिमेष भार्गव- सदस्य
- पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के आयुक्त- पदेन सदस्य
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