दतिया उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी अब नुकसान की वजहों की गहराई से पड़ताल करने में जुट गई है. चुनाव परिणाम आने के बाद संगठन के भीतर मंथन का दौर शुरू हो गया है और जल्द ही भोपाल में बड़ी समीक्षा बैठक होने की संभावना है. इस बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह मौजूद रहेंगे. पार्टी को मिली भीतरघात की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है. माना जा रहा है कि बैठक के बाद जिम्मेदार नेताओं और पदाधिकारियों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी.
हार के कारणों पर होगा गहन मंथन
दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा संगठन चुनावी रणनीति, स्थानीय समीकरणों और बूथ स्तर के प्रदर्शन की समीक्षा करेगा. पार्टी नेतृत्व यह जानने की कोशिश करेगा कि आखिर मजबूत संगठन और व्यापक प्रचार अभियान के बावजूद अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं मिल सके. इसके लिए चुनाव से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.
मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश नेतृत्व रहेगा मौजूद
प्रस्तावित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह शामिल होंगे. बैठक में संगठन और सरकार के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि पार्टी इस हार को बेहद गंभीरता से ले रही है और भविष्य की चुनावी रणनीति को लेकर कोई चूक नहीं करना चाहती.
डिप्टी सीएम समेत दो दर्जन नेताओं को बुलावा
बैठक में दतिया उपचुनाव के लिए नियुक्त किए गए सभी प्रमुख प्रभारियों और नेताओं को बुलाया गया है. इनमें चुनाव प्रभारी भारत सिंह कुशवाह, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, डिप्टी मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, राकेश शुक्ला सहित करीब दो दर्जन नेता शामिल हो सकते हैं. इन सभी से चुनावी अभियान, स्थानीय परिस्थितियों और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर फीडबैक लिया जाएगा.
भीतरघात के आरोपों की होगी जांच
पार्टी के भीतर कुछ नेताओं और पदाधिकारियों पर चुनाव में भीतरघात करने के आरोप लगे हैं. इन शिकायतों पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा होने की संभावना है. संगठन यह जानने की कोशिश करेगा कि कहीं स्थानीय स्तर पर असंतोष, गुटबाजी या निष्क्रियता ने चुनाव परिणाम को प्रभावित तो नहीं किया.
संगठन के लिए चिंता की बात यह भी है कि भाजपा प्रत्याशी को जिलाध्यक्ष के वार्ड में भी हार का सामना करना पड़ा. इस तथ्य को पार्टी गंभीर संकेत के रूप में देख रही है. माना जा रहा है कि इसी वजह से जिला स्तर के कई पदाधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी.
केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, जिले के पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं के खिलाफ मिली शिकायतों को संकलित कर प्रदेश संगठन एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा. यह रिपोर्ट दिल्ली स्थित भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी, ताकि आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जा सके. समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री निवास या फिर प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित की जा सकती है. हालांकि स्थान को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है.