मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर बैन लग गया है. इस तरह का पनीर बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्य में प्राकृतिक पनीर को ही प्रोत्साहित करेंगे. एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने 12 अगस्त को मीडिया से कहा कि हमने ये निर्णय किया है कि राज्य में एनालॉग पनीर की बिक्री को हतोत्साहित करेंगे. इस पर प्रतिबंध लगाएंगे. देश के अन्य राज्यों में भी इस पर प्रतिबंध लगाया गया है. हमारे यहां प्राकृतिक दूध के उत्पाद हैं. हम प्राकृतिक पनीर बनाएंगे. हम इन उत्पादों के बलबूते पर राज्य की पहचान बनाएंगे. सीएम ने कहा कि हम दूध का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे चल रहे हैं. एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हम बढ़ावा नहीं देंगे.
कहां-कहां है एनालॉग पनीर बैन
एनालॉग पनीर कई देश के कई राज्यों में बैन है, जिनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र शामिल है. अब मध्य प्रदेश भी इन्हीं लिस्ट में आ गया है.
क्या होता है एनालॉग पनीर
एनालॉग पनीर (Analog Paneer) एक प्रकार का सिंथेटिक पनीर है, यह देखने में पनीर की तरह लगता है और स्वाद भी बिल्कुल वैसा ही होता है. यह हमेशा सिर्फ दूध से नहीं बनता. इसे तैयार करने में वनस्पति तेल, दूध पाउडर, स्टार्च और दूसरी खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है. कुछ खाद्य उद्योग, रेस्टोरेंट और प्रोसेस्ड फूड बनाने वाली कंपनियां लागत कम रखने और एक जैसी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इसका इस्तेमाल करती हैं.
जहां पारंपरिक पनीर दूध को फाड़कर बनाया जाता है, वहीं एनालॉग पनीर में वनस्पति वसा, प्रोटीन, इमल्सीफायर, स्टार्च और फ्लेवरिंग एजेंट्स को मिलाकर पनीर जैसी बनावट तैयार की जाती है. इसके बाद इस मिश्रण को सांचे में जमाया जाता है.
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