सावन-भादौ में हर सोमवार को नए स्वरूप में नजर आएगी महाकाल की सवारी, इन रास्तों से निकलेगी

इस साल श्रावण-भादौ में महाकाल की हर सोमवार की सवारी नए थीम के साथ निकलेगी. आस्था के साथ संस्कृति, पर्यावरण और जागरूकता का संदेश रहेगा. सबसे बड़ा आकर्षण ड्रोन से पुष्पवर्षा होगी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

मध्य प्रदेश के उज्जैन में श्रावण-भादौ में श्री महाकालेश्वर की सवारी इस बार हर सोमवार को नए स्वरूप में नजर आएंगी. मंदिर प्रबंध समिति ने सभी 6 सवारियों के लिए अलग-अलग थीम तय की है, जिनमें आस्था के साथ संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया जाएगा. साथ ही सवारी मे ड्रोन से फूलों की बारिश भी की जाएगी.

मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस बार सवारियों को पहले से अधिक भव्य, आकर्षक और जनभागीदारी आधारित बनाया जा रहा है. प्रत्येक सवारी को विशिष्ट स्वरूप दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को हर सोमवार नया अनुभव मिल सके. सवारियों में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले जनजातीय नृत्य दल अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से सांस्कृतिक छटा बिखेरेंगे.

Advertisement

सवारी दर्शन के लिए छह एल ई डी वाहन भी चलेंगे. अंतिम राजसी सवारी सिंहस्थ की थीम पर आधारित होगी, जिसमें सिंहस्थ की तैयारियों की झलक देखने को मिलेगी. इसके साथ ही ड्रोन से पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया जाएगा, जो इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण होगा.

7 सितंबर को राजसी सवारी

श्रावन में प्रथम सवारी सोमवार 3 अगस्त, द्वितीय सवारी सोमवार 10 अगस्त, तृतीय सवारी सोमवार 17 अगस्त, चतुर्थ सवारी सोमवार 24 अगस्त को श्रावण मास में निकाली जायेगी। वही भादौ मास में पंचम सवारी सोमवार 31अगस्त तथा राजसी सवारी सोमवार 7 सितम्ब‍र को निकाली जायेगी।

इन मार्गो से निकलेगी सवारी

मंदिर के सभा मंडप में भगवान श्री महाकालेश्वर कि पालकी का विधि-विधान से पूजन-अर्चन उपरांत अपने निर्धारित समय से प्रारम्भ होकर महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा , बक्षी बाजार, कहारवाड़ी से होते हुए रामघाट शिप्रा तट पहुंचेगी. यहां सवारी का पूजन-अर्चन होने के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चोक, खाती समाज मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा , छत्री चोक, गोपाल मंदिरर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होती हुई मन्दिर में वापस आएगी.

राजसी (शाही) सवारी 7 सितंबर को उपरोक्त मार्ग के अतिरिक्त टंकी चौराहा से मिर्जा नईमबेग, तेलीवाड़ा चौराहा , कण्ठाल, सतीगेट, सराफा, छत्री चोक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए श्री महाकालेश्वर मन्दिर पहुंचेगी.

Advertisement

यह रहेगी व्यवस्था

सम्पूर्ण सवारी मार्ग पर सीसीटीवी, पीए सिस्टम, बेरिकेटिंग, सफाई, चिकित्सा, जल, विद्युत व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा के साथ शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 600 पुलिसकर्मी और जिला प्रशासन के कर्मचारी मौजूद रहेंगे.

Topics mentioned in this article