मध्य प्रदेश के दतिया जिले में राजघाट कॉलोनी स्थित शासकीय आवासों में लंबे समय से चल रहे कथित अनाधिकृत कब्जों के मामले में प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाया है. जांच और विभागीय रिपोर्ट के बाद एसडीएम एवं सक्षम प्राधिकारी की अदालत ने 14 सरकारी आवासों को खाली कराने के अंतिम आदेश जारी किए हैं. कार्रवाई के लिए तहसीलदार को पुलिस बल, नगरपालिका के मदाखलत अमले और राजस्व अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं. (दतिया से मनीष सेन की रिपोर्ट)
मामले में सामने आया है कि कुछ शासकीय आवास मूल आवंटियों के स्थानांतरण के बाद भी खाली नहीं हुए. आरोप है कि कई मकानों में ऐसे लोग रह रहे हैं, जिनके नाम पर आवास स्वीकृत ही नहीं हैं. प्रशासन की कार्रवाई में राजनीतिक और प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आए हैं.
Madhya Pradesh government quarters eviction notice rajghat colony Datia
पूर्व टीआई के नाम आवंटित मकान पर दूसरे व्यक्ति का कब्जा
राजघाट कॉलोनी का आवास क्रमांक एच-28 कोतवाली के पूर्व थाना प्रभारी धनेंद्र सिंह भदौरिया के नाम आवंटित बताया गया है. उनका दतिया से स्थानांतरण होने के बावजूद यह मकान खाली नहीं हुआ. प्रशासनिक दस्तावेजों के मुताबिक, इस आवास में भाजपा नेता अनूप यादव के कब्जे की बात सामने आई है. नियमानुसार स्थानांतरण के बाद यह शासकीय आवास विभाग को वापस सौंपा जाना चाहिए था.
पूर्व जनपद सदस्य के आवास को लेकर भी कार्रवाई
इसी तरह आवास क्रमांक जी-24 को लेकर भी प्रशासन ने बेदखली की कार्रवाई शुरू की है. इस मकान पर पूर्व जनपद सदस्य एवं भाजपा नेत्री क्रांति राय के कब्जे का उल्लेख प्रशासनिक कार्रवाई में किया गया है. नोटिस जारी होने के बावजूद आवास खाली न किए जाने पर अब अंतिम बेदखली आदेश जारी कर दिया गया है.
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20 मई तक दी गई थी मोहलत
राजघाट नहर परियोजना संभाग के कार्यपालन यंत्री की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम कोर्ट ने 'मध्य प्रदेश लोक परिसर अधिनियम' के तहत संबंधित कब्जाधारियों को नोटिस जारी किए थे. उन्हें 20 मई 2026 तक मकान खाली कर चाबी विभाग को सौंपने का समय दिया गया था. निर्धारित अवधि में आवास खाली नहीं होने पर अब धारा 5 के तहत अंतिम बेदखली आदेश जारी किए गए हैं.
पुलिस बल के साथ होगी बेदखली की कार्रवाई
दतिया उपखंड प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कब्जाधारी स्वेच्छा से सरकारी मकान खाली नहीं करते हैं, तो नियमानुसार बलपूर्वक कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए पुलिस बल और नगरपालिका के मदाखलत अमले की मदद लेने के निर्देश दिए गए हैं. इस कार्रवाई में होने वाले खर्च का विवरण भी तैयार कर एसडीएम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा.
18 अगस्त को पेश होगी पालन रिपोर्ट
एसडीएम कोर्ट ने तहसीलदार को पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट 18 अगस्त 2026 को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. अब देखना होगा कि वर्षों से सरकारी आवासों पर जमे कथित अनाधिकृत कब्जाधारियों को प्रशासन कितनी तेजी से हटाता है और यह शासकीय संपत्ति वास्तविक पात्रों को कब उपलब्ध कराई जाती है.
एसडीएम दतिया सोनाली राजपूत क्या बोलीं?
दतिया एसडीएम सोनाली राजपूत ने बताया कि राजघाट कॉलोनी के कुछ शासकीय आवासों के संबंध में WRD द्वारा जानकारी दी गई थी. विभाग ने बताया था कि उनके शासकीय आवासों में कुछ लोग बिना अनुमति के रह रहे हैं. इस पर सभी संबंधितों को नोटिस देकर आवास खाली करने का पर्याप्त समय दिया गया था. अब 14 लोगों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई की गई है और तहसीलदार को आदेशों के अनुपालन के निर्देश दिए गए हैं.