Nag Panchami 2026: सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के पावन अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है. श्री महाकालेश्वर मंदिर के कपाट सुबह 2:30 बजे खुले और इसके बाद सुबह 3 बजे बाबा महाकाल की विशेष भस्म आरती हुई. भव्य पंचामृत अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का शृंगार किया गया.
सोमवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए. दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष से गूंज उठा. मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा.
भगवान नागचंद्रेश्वर महादेव के कपाट भी खोले गए
श्री महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य शिखर पर विराजमान भगवान नागचंद्रेश्वर महादेव के दिव्य कपाट खोले गए हैं. वर्ष में सिर्फ एक बार होने वाले प्रभु के दुर्लभ दर्शन का सौभाग्य आज श्रद्धालुओं को प्राप्त हो रहा है. महाकालेश्वर मंदिर में परंपरा के अनुसार आधी रात को भगवान नागचंद्रेश्वर के कपाट खोले गए. तब से भक्त पूजा-अर्चना कर रहे हैं और दर्शन कर रहे हैं. दर्शन का यह क्रम 24 घंटे तक लगातार जारी रहेगा.
महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर हैं विराजमान
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के प्रमुख महंत विनीत गिरी महाराज ने बताया कि पूरे भारत में नाग पंचमी का त्योहार बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस संदर्भ में उज्जैन में भगवान महाकाल का दिव्य मंदिर बहुत खास महत्व रखता है. भगवान नागचंद्रेश्वर महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर विराजमान हैं. परंपरा के अनुसार, पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के नियुक्त महंत मंदिर के दरवाजे खोलते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं. इसी परंपरा का पालन करते हुए हमने नागचंद्रेश्वर मंदिर के दरवाजे खोले और षोडशोपचार (सोलह चरणों वाली) विधि से पूजा की.
उज्जैन में आज तीन बड़े धार्मिक कार्यक्रम, सुरक्षा-व्यवस्था मुस्तैद
उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि आज तीन बड़े कार्यक्रम एक साथ हो रहे हैं. भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन शुरू हो चुके हैं, जिनके मंदिर के दरवाजे साल में केवल 24 घंटे के लिए खुलते हैं. बैरिकेड्स पर लगभग 40,000 लोग कतार में खड़े हैं. दूसरी बात आज सावन के पवित्र महीने का तीसरा सोमवार है और इसलिए बाबा महाकाल के दरबार में 5 लाख से अधिक भक्तों के आने की उम्मीद है. इसके अलावा भगवान महाकालेश्वर आज अपनी तीसरी नगर यात्रा (सवारी) पर निकलेंगे.
यह यात्रा शाम 4 बजे शुरू होगी और इस कार्यक्रम के लिए लगभग 4 से 4.5 लाख लोगों की भीड़ जुटने की संभावना है. कुल 2,400 पुलिसकर्मी लगातार 36 घंटे तक ड्यूटी पर रहेंगे. भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए कर्कराज पार्किंग क्षेत्र से व्यवस्था की गई है, जबकि बाबा महाकाल के दर्शन के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर और अन्य निर्धारित क्षेत्रों से व्यवस्था की गई है. पूरे शहर की निगरानी CCTV कैमरों के जरिए 24/7 की जा रही है और विभिन्न रास्तों पर 200 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं. साथ ही, दर्शन की पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के लिए तीन ड्रोन भी तैनात किए गए हैं.
कलेक्टर ने श्रद्धालुओं से की ये अपील
उज्जैन के कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया, "आज नाग पंचमी का पर्व है. जैसा कि आप जानते हैं, भक्त साल भर में केवल 24 घंटे ही भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर सकते हैं. रीति-रिवाजों के अनुसार मंदिर के कपाट अभी खोले गए हैं और भक्तों ने पूजा-अर्चना शुरू कर दी है. कलेक्टर ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं का पालन करें."
बता दें कि बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट अर्पित किया गया. महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा को भस्म अर्पित की गई. ढोल नगाड़े के उद्घोष के बीच बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई. इस दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन किए.
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