2020 में हुए डबल मर्डर केस में कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इस मामले के बारे में डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र सिंह भदोरिया ने बताया कि 2020 की यह घटना है, तब ऐरोड्रम थाना क्षेत्र में पति नीलम शर्मा और पत्नी ज्योति प्रसाद शर्मा का डबल मर्डर हुआ था. इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम धनंजय ने घर में घुसकर दिया था.
इसके बाद जांच में सामने आया था कि पति पत्नी अपनी बेटी से मिलने के लिए आरोपी को रोकते थे. इसी रंजिश के कारण उनकी हत्या कर दी थी. इस हत्याकांड में दंपती की नाबालिग लड़की भी शामिल थी.
मर्डर के समय नहीं था कोई मौजूद
इस मामले में मूल आरोपी को लेकर इंदौर की अदालत में गुरुवार को फैसला हुआ है, जिसमें आरोपी धनंजय को हत्याकांड के लिए आजीवन कारावास के साथ दंडित किया गया है. चूंकि मर्डर रात में और घर के अंदर हुआ था, इस वजह से कोई भी प्रत्यक्षदर्शी मौजूद नहीं था. इस वजह से पुलिस को जांच हर पहलू पर करना अनिवार्य हो गया था.
च्यूइंगम से मिले सबूत
एक-एक कड़ी इसमें जोड़ी गई, सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा किए गए. मौके पर एक च्युइंग गम भी मिली थी जो आरोपी ने इस्तेमाल की थी. यही एक अहम सबूत लगी. पुलिस ने च्युइंगम डीएनए से मिलाया गया और यही सबसे अहम सबूत बना. च्यूइंगम में मिले डीएनए को ही पुलिस ने पक्का ठोस सबूत माना.
अदालत में 25 गवाहों के बयान, डीएनए रिपोर्ट और दूसरे वैज्ञानिक सबूत पेश किए. इन्हीं ठोस प्रमाणों के आधार पर अदालत ने धनंजय यादव को दोषी करार देते हुए दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई. वारदात के समय लड़की नाबालिग थी, इसलिए उससे जुड़ा मामला अलग से जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है.