राजधानी भोपाल में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए कि इस बार उनके निशाने पर आम नागरिक नहीं, बल्कि पुलिस का एक जवान आ गया. शाहपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक सुंदर पटेल का अपहरण कर बदमाशों ने न सिर्फ उन्हें बंधक बनाया, बल्कि रातभर कार में घुमाते रहे. हाथ-पैर और मुंह बांधकर आरक्षक को कार में कैद रखा गया और सुबह होने से पहले सुनसान इलाके में छोड़कर फरार हो गए. इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा दिया.
जानकारी के अनुसार, शाहपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक सुंदर पटेल ड्यूटी के दौरान चेकिंग कर रहे थे. इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें अपने झांसे में लिया और जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया. देखते ही देखते आरक्षक बदमाशों के कब्जे में पहुंच गए और उन्हें बंधक बना लिया गया.
हाथ-पैर और मुंह बांधकर बनाया बंधक
अपहरण के बाद आरोपियों ने आरक्षक के हाथ-पैर और मुंह बांध दिए. इसके बाद उन्हें कार में डालकर शहर और आसपास के इलाकों में रातभर घुमाते रहे. इस दौरान आरक्षक पूरी तरह बदमाशों के कब्जे में रहे और मदद मांगने की स्थिति में भी नहीं थे. बताया जा रहा है कि आरोपी जिस वाहन का इस्तेमाल कर रहे थे, वह NHAI से जुड़ी कार थी. पुलिस को जब वाहन की जानकारी मिली तो नंबर के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई. इसी सुराग ने पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई.
सुबह सरकारी प्रेस के पास छोड़कर भागे
बदमाश रातभर आरक्षक को बंधक बनाए रखने के बाद सुबह करीब चार बजे उन्हें सरकारी प्रेस के पास छोड़कर फरार हो गए. आरक्षक के सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी.
दो आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की. जांच के दौरान पुलिस ने भूपेंद्र शर्मा और ऋषि नामदेव नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. दोनों से पूछताछ की जा रही है और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है. पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण और लूट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं.
पहले भी आपराधिक मामलों में नाम आ चुका
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी भूपेंद्र शर्मा का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है. उसके खिलाफ विदिशा जिले में हत्या के प्रयास का मामला पहले से दर्ज बताया जा रहा है. इसी आधार पर पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है. एक पुलिसकर्मी के अपहरण की घटना ने राजधानी भोपाल में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.