भोपाल में फर्जी क्राइम ब्रांच पुलिस बनकर लोगों को डराने और लूटने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. हैरानी की बात यह है कि इस गैंग की मास्टरमाइंड एक महिला निकली, जो खुद को वकील बताकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रही थी. आरोपी लोगों को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर रोकते थे और उन्हें एमडी ड्रग्स जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसे और सामान लूट लेते थे. मिसरोद पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी व्हाइट स्कॉर्पियो में सवार होकर सलैया इलाके में घूम रहे थे. उनका मकसद ऐसे लोगों को निशाना बनाना था जिन्हें आसानी से डरा-धमकाया जा सके. इसी दौरान उन्होंने एक युवक को रोक लिया और खुद को क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बताते हुए पूछताछ शुरू कर दी.
MD ड्रग्स केस में फंसाने की दी धमकी
गिरोह के सदस्यों ने युवक को डराते हुए कहा कि उसके खिलाफ एमडी ड्रग्स से जुड़ा मामला बनाया जा सकता है. गंभीर कार्रवाई का भय दिखाकर आरोपियों ने उससे लूटपाट की. इतना ही नहीं, वे युवक का पीछा करते हुए उसकी कॉलोनी तक पहुंच गए, जिससे वह और अधिक डर गया.
पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद मिसरोद पुलिस हरकत में आई. पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही और चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
गैंग में शामिल बाकी तीन आरोपी.
व्हाइट स्कॉर्पियो भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई व्हाइट स्कॉर्पियो भी जब्त कर ली है. इसी वाहन का उपयोग कर आरोपी लोगों को रोकते और खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन पर दबाव बनाते थे. बरामद वाहन और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.
महिला निकली गैंग की मास्टरमाइंड
जांच में सामने आया है कि गिरोह की अगुवाई एक महिला कर रही थी, जो खुद को कानून की जानकारी रखने वाली और वकील बताती थी. पुलिस के अनुसार उसी ने फर्जी पुलिस बनकर लोगों को डराने और लूटने की पूरी साजिश तैयार की थी. पूछताछ में उसके कई पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आए हैं.
पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस जांच में पता चला है कि महिला आरोपी के खिलाफ पहले से मारपीट और चाकूबाजी जैसे मामलों में प्रकरण दर्ज हैं. आरोप है कि वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रही है. पुलिस अब उसके पुराने मामलों और गैंग की अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रही है.
एडीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया. वहीं गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है.