रीवा जिले में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनने लगी है. तीन दिनों से जारी बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के चलते बेलन नदी उफान पर पहुंच गई है. त्योंथर क्षेत्र में डीह पुल के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे आसपास के करीब 12 गांवों का संपर्क टूट गया है. हालात ऐसे हैं कि चाकघाट स्थित प्रसिद्ध शंकरघाट मंदिर के गर्भगृह तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है. मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की संभावना जताई है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है.
अभिषेक तिवारी की रिपोर्ट...
लगातार बारिश से बढ़ा नदी का जलस्तर
रीवा जिले में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है. इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी वर्षा के कारण विभिन्न बांधों और बैराजों से भी पानी छोड़ा जा रहा है. इसका सीधा असर बेलन नदी पर दिखाई दे रहा है. नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और कई निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है.
बैराज और डैम से छोड़े गए पानी का असर
जानकारी के अनुसार रीवा के बाकिया बैराज और उत्तर प्रदेश के मेजा व अदवा डैम से पानी छोड़े जाने के बाद बेलन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. त्योंथर क्षेत्र में डीह पुल पूरी तरह पानी की चपेट में आ गया है और पुल के ऊपर से पानी बह रहा है. इसके कारण नदी के दोनों ओर बसे करीब 12 गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है. ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
शंकरघाट मंदिर तक पहुंचा बाढ़ का पानी
बढ़ते जलस्तर का असर चाकघाट के शंकरघाट मंदिर पर भी देखने को मिला है. बाढ़ का पानी मंदिर परिसर से होते हुए गर्भगृह तक पहुंच गया है. मंदिर क्षेत्र में पानी भरने के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ गई है. क्षेत्र के लोग लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं.
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है. नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है. प्रशासन की टीम लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और संभावित खतरे वाले इलाकों की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है.
लोगों से की जा रही सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने लोगों से नदी, पुल और जलभराव वाले निचले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है. खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को नदी किनारे नहीं जाने की सलाह दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए लोगों को प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए.
मौसम विभाग के अलर्ट से बढ़ी चिंता
मौसम विभाग ने रीवा सहित प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. ऐसे में प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है. फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती नदी किनारे बसे गांवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी में है.