एमपी में बारिश का दौर जारी, पूर्वी इलाका खूब भीग रहा तो पश्चिम में कम हो रही वर्षा; कई जिलों में अलर्ट

मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून ने जोरदार वापसी की है. पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से कई जिलों में बारिश का सिलसिला तेज हो गया है. डिंडोरी, पन्ना, रीवा, सतना और छतरपुर समेत कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है.

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पूर्वी एमपी में ज्यादा हो रही बारिश.
IANS

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के चलते कई जिलों में बारिश का दौर तेज हो गया है. डिंडोरी, पन्ना, रीवा, सतना और छतरपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटे में 16 जिलों में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है.

आईएमडी ने शुक्रवार और शनिवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, पन्ना, सीधी और सिवनी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.

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राज्य में भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ जलप्रपात भी उफान पर हैं. मंडला में नर्मदा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जबकि चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी बाजार तक पहुंच चुका है. कई स्थानों पर जलभराव के कारण सड़क मार्ग से आवाजाही प्रभावित हुई है.

इन जिलों में भी बारिश

राजधानी भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.

अब तक बारिश की स्थिति 

मध्य प्रदेश मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल पूर्वी मध्य प्रदेश में फिलहाल तेज बारिश हो रही है. 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों की तरफ बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. प्रदेश में अब तक कुल 599 मिलीमीटर यानी 23.6 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि इस अवधि तक सामान्य बारिश का आंकड़ा 675.1 मिलीमीटर यानी 26.6 इंच होना चाहिए था. इस हिसाब से मध्य प्रदेश में अभी भी सामान्य से करीब 3 इंच यानी 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है. पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी 11 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत बनी हुई है.

कहां कितना गिरा पानी?

पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में बारिश सामान्य से करीब 19 प्रतिशत तक कम है. बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में सामान्य की तुलना में 4 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है. वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5 से 39 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है.

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इधर सामान्य से ज्यादा बारिश

वही, मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो भोपाल, ग्वालियर, अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, गुना, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। यानी जून महीने में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी. जुलाई के शुरुआती दिनों में हुई अच्छी बारिश से स्थिति में कुछ सुधार आया, लेकिन इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक लगने से कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहीं.

अब अगस्त में एक बार फिर मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय हुई है, जिसके चलते बारिश का दौर तेज हुआ है. जुलाई का बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन जून में हुई बारिश की कमी की पूरी भरपाई अभी तक नहीं हो पाई है. पूरे मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में औसतन करीब 37.3 इंच बारिश होती है. वहीं, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच के आसपास रहता है.

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