ग्वालियर में कांग्रेस नेता और जमीन कारोारी राजेश सिंह राजपूत की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. एसपी ऑफिस परिसर में जहर खाने के बाद हुई उनकी मौत के मामले में पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. सुसाइड नोट में राजेश ने आरोप लगाया है कि वह वर्षों से सूदखोरों की प्रताड़ना झेल रहे थे. उन्होंने लिखा कि मूल रकम से कहीं ज्यादा ब्याज चुका चुके थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था.
घर से निकलने के बाद हुई सूदखोर से मुलाकात
जानकारी के अनुसार, राजेश सिंह राजपूत मंगलवार सुबह करीब सात बजे अपने घर से निकले थे. इसके बाद उनकी मुलाकात अलंकार होटल के पास कथित सूदखोर पप्पू गुर्जर से हुई. आरोप है कि यहां पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ और राजेश को धमकाया. बताया जा रहा है कि इसी घटना के बाद वह सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचे.
एसपी ऑफिस पहुंचकर खाया जहर
एसपी कार्यालय पहुंचने के बाद राजेश ने सल्फास की गोलियां खा लीं. कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को उन्होंने खुद बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले जहर खा लिया है. इसके बाद पुलिस ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
सुसाइड नोट में बयां किया दर्द
राजेश की जेब से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी पीड़ा विस्तार से लिखी थी. नोट में उल्लेख किया गया है कि वे मूल राशि से ज्यादा ब्याज चुका चुके थे, लेकिन फिर भी उनसे पैसों की मांग की जा रही थी. उन्होंने लिखा कि लगातार मानसिक प्रताड़ना, बेइज्जती, मारपीट और परिवार को परेशान किए जाने से परेशान होकर वह आत्महत्या कर रहे हैं.
पुलिस ने सुसाइड नोट में लिखे गए नामों के आधार पर पप्पू गुर्जर, रामकुमार घुरैया, भारत गुर्जर, विक्रम गुर्जर, दुर्जन गुर्जर, रुस्तम सिंह गुर्जर, राजेंद्र सिंह गुर्जर और कुलदीप यादव समेत कुल 9 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस ने इन सभी पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
आरोपियों में कारोबारी और प्रभावशाली लोग भी शामिल
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों में रामकुमार घुरैया मैरिज गार्डन संचालक हैं, जबकि कुलदीप यादव एक सेवानिवृत्त दारोगा के बेटे बताए जा रहे हैं. वहीं पप्पू गुर्जर के बारे में जानकारी मिली है कि वह बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं.
सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि राजेश राजपूत जहर खाने के बाद एसपी ऑफिस पहुंचे थे. उनकी हालत गंभीर थी और उनके मुंह से हरे रंग का पदार्थ निकल रहा था. पुलिस ने तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. जांच के दौरान उनकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया है.